"क्योंकि दिल कभी व्यापार नहीं करता❤️"
कभी सोचा है,इतनें बड़े शरीर में ईश्वर नें .. "सिर्फ दिल को ही क्यों चुना सम्पूर्ण अंगों को नियंत्रित करनें के लिए??" "क्यों इसको शरीर के केंद्र में स्थान दिया?" "क्यों ज्यादातर गानें दिल को ही केंद्र में रखकर लिखे गये?" क्योंकि ..... "ये जो छोटू सा दिल है न बहुत "पवित्र" होता है,वो व्यापार नहीं करता.." "सबको बिना किसी भेदभाव के एक समान सम्मान देता है..". ये छोटू सा दिल जहां आकर सारी अशुद्धियां स्वत: शुद्ध हो जाती हैं.... अपनीं सारी पवित्रता को ये सभी में भेदभावरहित होकर बांट देता है..…इसीलिए ईश्वर नें इसको शरीर का "मुखिया" बनाया ताकि इसके नियंत्रण में शरीर के बाकी अंग सुचारू रूप से चलते रहें।शायद इसीलिए कहा जाता है कि.. ... "किसी से जुड़ना हो तो दिल से जुड़ो क्योंकि दिल से बनाए रिश्ते ,दिमाग के बनाए रिश्तों से ज्यादा टिकाऊ और सुकून देंनें वाले होतें हैं अपनीं पवित्रता की वजह से..." . इसीलिए जो दिल की सुनतें हैं वो हमेशा खुश रहतें हैं... आप भी अपनें दिल की सुनिये और उसकी हिफाजत अच्छे से कीजिए ❤️❤️❤️❤️ #I...